कोरबा। जिले में तेज हवाओं के कारण NTPC धनरास राखड़ डेम की लापरवाही उजागर हुई । इस डेम से उड़ रही राखड़ आसपास के दर्जनों गांवों को प्रभावित कर रही है। कई गांवों के निवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं। राखड़ सिर्फ गांवों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसका सैलाब कटघोरा बायपास मार्ग तक पहुंच गया, जिससे पूरा रास्ता राखड़ से ढक गया। हवा, पानी और भोजन में राखड़ मिल जाने से लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राखड़ उनके घरों, खेतों और जलस्रोतों तक फैल रही है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। सांस की बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि हर तरफ राखड़ जमा होने से साफ-सफाई करना भी मुश्किल हो गया है।
NTPC प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप- स्थानीय निवासियों का कहना है कि NTPC प्रशासन राखड़ के उचित प्रबंधन में पूरी तरह विफल रहा है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। राखड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक पानी का छिड़काव और डेम की नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी सिर्फ बिजली उत्पादन पर ध्यान दे रही है, लेकिन पर्यावरण और लोगों की सेहत की चिंता नहीं कर रही है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग- ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और NTPC प्रबंधन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।















