कोरबा। मानिकपुर क्षेत्र में कोयला परिवहन और माइंस संचालन से जुड़ी यूनियन की हड़ताल को अब और बड़ा जनसमर्थन मिलने लगा है। ताजा मामले में मानिकपुर के सभी गाड़ी मालिकों ने यूनियन के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यूनियन की जो भी मांगे हैं, वे पूरी तरह से जायज हैं और जब तक इनका समाधान नहीं होता, वे अपना कामकाज पूरी तरह बंद रखेंगे।
इस सामूहिक समर्थन के बाद 28 जुलाई 2025 से मानिकपुर क्षेत्र की सभी माइंस पूरी तरह से बंद रहने की घोषणा की गई है। गाड़ी मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और संबंधित प्रबंधन ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है।
हड़ताल का मुख्य कारण परिवहन दरों में वृद्धि, डीज़ल कीमतों में लगातार इजाफा और रखरखाव खर्च बढ़ना है। यूनियन का कहना है कि वर्तमान दरों पर काम करना घाटे का सौदा हो गया है। पहले ही ट्रांसपोर्टरों को कई आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और अब वे और नुकसान नहीं उठा सकते।
इस निर्णय से माइंस संचालन और कोयला आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है, जिससे बिजली संयंत्रों और अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी कोयले की कमी हो सकती है।















