दिनांक 19 अप्रैल 2026 को सीएसईबी पावर प्लांट, नवागांव-झाबु स्थित राखड़ बांध के टूटने से गंभीर हादसा हुआ, जिसमें जन-धन की भारी क्षति हुई। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी दिनांक 26/06/2025 को इसी प्रकार की घटना घटित हो चुकी है, जिससे किसानों की भूमि, पर्यावरण एवं मजदूरों को नुकसान पहुँचा था। इसके बावजूद प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, जो अत्यंत चिंताजनक है।
निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लिया जाना आवश्यक है—
- दिनांक 07/08/2025 को सीएसईबी पश्चिम पावर प्लांट में ठेका श्रमिक सुरेंद्र साहू बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
➤ उक्त प्रकरण में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई? - दर्री स्थित सीएसईबी पश्चिम पावर प्लांट के मिनी हाइडल प्लांट (क्षमता 0.8 मेगावाट) के स्टॉप डैम तटबंध के टूटने से प्लांट परिसर में भारी मात्रा में गरम पानी भर गया था, जिससे कर्मचारियों एवं मजदूरों को जान बचाकर भागना पड़ा।
➤ यह घटना भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाती है। - हालिया झाबु राखड़ डैम हादसे में मृतक फुलेश्वर कश्यप (JCB चालक) का प्रबंधन द्वारा कोई वैध श्रमिक पंजीयन (EPF, ESI, दुर्घटना बीमा आदि) नहीं कराया गया था।
➤ यह सीएसईबी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है, जिससे अन्य श्रमिकों की सुरक्षा भी खतरे में है। - ग्राम पुरेनाखार के राखड़ डैम से प्रभावित परिवार आज तक मुआवजा एवं रोजगार से वंचित हैं।
➤ सीमांकन के नाम पर उन्हें लगातार टालमटोल किया जा रहा है, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
SDM कटघोरा से विनम्र निवेदन किया गया कि—
- उक्त समस्त घटनाओं की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- सीएसईबी प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- सभी श्रमिकों का अनिवार्य पंजीयन (EPF, ESI, बीमा) सुनिश्चित कराया जाए।
- प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा एवं रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
- भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु स्थायी सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
आशा है कि जनहित के इस गंभीर विषय पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहर राकेश पंकज , जिलाध्यक्ष ग्रामीण विकास सिंह , कमलेश गर्ग , उपाध्यक्ष विवेक श्रीवास , सचिव मिनकेतन गबेल , भागीरथी यादव उपस्थित रहे ।















