ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी द्वारा कोरबा में लीडरशिप समिट का आयोजन, शिक्षा में एआई के प्रभाव पर हुई चर्चा……

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कोरबा: आज के दौर में  AI अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है हर सेक्टर में AU का उपयोग किया जा रहा है छात्रों में भी AI को लेकर काफी रुझान देखने को मिल रहा है यही वजह है कि आज बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी AI लर्निंग को लेकर छात्रों के बीच पहुंच रही है।  किसी कड़ी में ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी, रायगढ़ द्वारा शनिवार, 25 मई 2025 को होटल गणेश इन, कोरबा में एक भव्य लीडरशिप समिट का आयोजन किया गया। इस समिट का मुख्य विषय था- “एआई-पावर्ड एजुकेशन”, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शिक्षा प्रणाली पर पड़ रहे प्रभावों और उसके भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

शाम 6 बजे से 9 बजे तक चले इस कार्यक्रम में कोरबा क्षेत्र के कुल 25 स्कूल और कॉलेजों के प्राचार्य बतौर प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस समिट का उद्देश्य शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं के साथ मिलकर यह समझना था कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों को शिक्षा में शामिल कर छात्रों को अधिक सशक्त और तैयार किया जा सकता है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “एआई अब केवल भविष्य की बात नहीं रही, बल्कि यह वर्तमान का हिस्सा बन चुकी है, जो शिक्षा, मूल्यांकन और अधिगम के तरीकों को तेजी से बदल रही है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक शिक्षक की भूमिका को मजबूत करे, न कि उसे प्रतिस्थापित करे।”

दूसरे सत्र में ओपीजयू इनोवेशन सेंटर के सीईओ डॉ. दीपायन प्रियदर्शी ने “इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप” विषय पर प्रस्तुति दी। डॉ. प्रियदर्शी ने “इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप” (नवाचार एवं उद्यमिता) विषय पर एक ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में रचनात्मक सोच, जोखिम लेने की क्षमता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने वाले पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर जोर दिया।

सभी उपस्थित प्राचार्यों ने ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी की इस पहल की सराहना की और सुझाव दिया कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी नवीन विषयों पर आयोजित किए जाएं, जिससे स्कूल और कॉलेज के छात्रों को भी उभरती तकनीकों के बारे में जानकारी मिले और वे समय के साथ आगे बढ़ सकें।

कार्यक्रम का संचालन ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी की टीम द्वारा कुशलता से किया गया। यह समिट कोरबा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षिक आयोजन साबित हुआ और प्रतिभागियों में तकनीकी जागरूकता और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत किया।

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