कोरबा। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने केंद्र और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने रोजगार, महंगाई, बिजली बिल, शराब नीति, आदिवासी हित और सरकारी योजनाओं को लेकर सरकार से कई सवाल किए।
डॉ. महंत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ नौकरियों और 15 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन उनके मुताबिक ये वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि देश के विकास में आम जनता का पैसा लगा हुआ है और उस पैसे से मिलने वाले लाभ पर हर व्यक्ति का अधिकार होना चाहिए।
महंत ने आरोप लगाया कि आम जनता को व्यापक लाभ देने के बजाय कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के हितों को ध्यान में रखकर कानून बनाए जा रहे हैं और विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई भी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार पर हमला बोलते हुए डॉ. महंत ने शराब नीति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जगह-जगह शराब का कारोबार बढ़ाया जा रहा है, ताकि जनता शराब पीकर व्यस्त रहे और सरकार से सवाल न करे।
महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए महंत ने कहा कि महिलाओं को ₹1000 दिए जा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ बिजली बिल सहित अन्य माध्यमों से जनता से अधिक राशि वसूली जा रही है। उन्होंने सरकार की योजनाओं और उनके वास्तविक प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए।
आदिवासी युवाओं के रोजगार का मुद्दा
डॉ. महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल प्रदेश है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भी आदिवासी समाज से आते हैं। ऐसे में आदिवासी युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियों में पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की समस्याओं और उनके अधिकारों पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए।
अपने संबोधन के दौरान डॉ. महंत ने कहा कि अब भाजपा सरकार को विदा करने और छत्तीसगढ़ में ऐसी सरकार बनाने की जरूरत है, जो जनता की सुने, गरीबों की समस्याओं को समझे और जनकल्याण के लिए काम करे।
बड़ा सवाल—दो साल बाद क्या बदलेगा छत्तीसगढ़ का राजनीतिक समीकरण?
डॉ. महंत के इस बयान के बाद अब बड़ा राजनीतिक सवाल यह है कि क्या दो साल बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस दोबारा सरकार बनाने की स्थिति में होगी? क्या महंत द्वारा उठाए गए रोजगार, महंगाई, बिजली बिल, शराब नीति और आदिवासी हित जैसे मुद्दे आने वाले चुनाव में राजनीतिक बहस का हिस्सा बनेंगे?
फिलहाल इसका जवाब भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम और आगामी विधानसभा चुनाव के परिणाम ही देंगे। लेकिन गांधी जयंती के मंच से डॉ. चरण दास महंत द्वारा भाजपा सरकार को घेरने और आगामी समय में सत्ता परिवर्तन की अपील किए जाने से छत्तीसगढ़ की सियासत में राजनीतिक चर्चा जरूर तेज हो गई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, गांधी जयंती के अवसर पर डॉ. चरण दास महंत ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर कई गंभीर सवाल उठाए और आम जनता, गरीबों तथा आदिवासी समाज के हितों को लेकर अपनी बात रखी। अब आने वाले दो वर्षों में सरकार की नीतियों और विपक्ष की रणनीति के बीच जनता के मुद्दे किस तरह राजनीतिक बहस का केंद्र बनते हैं, यह देखने वाली बात होगी।

















