सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” से लेकर विभागीय अनुशासन तक—अपराध के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिसिंग को जवाबदेह बनाने पर जोर
कोरबा। कोरबा जैसे औद्योगिक और विस्तृत जिले में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी आसान नहीं होती। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और पुलिस महकमे में अनुशासन—इन सभी मोर्चों पर एक साथ काम करना पड़ता है। वर्तमान में सिद्धार्थ तिवारी, IPS, कोरबा के पुलिस अधीक्षक हैं। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें पुलिस अधीक्षक के रूप में दर्ज करती है।
अपराधियों के लिए सख्त संदेश, आम जनता के लिए सुरक्षा का भरोसा
एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में कोरबा पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान पुलिसिंग की सक्रियता का प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आया है। मई 2026 में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 90 से अधिक निगरानी और गुंडा बदमाशों की परेड कराकर उन्हें अपराध से दूर रहने और मुख्यधारा में लौटने की समझाइश दी गई थी।

यह पहल केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस की ओर से अपराधियों को स्पष्ट संदेश देने का प्रयास भी रही कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा
जहां जरूरत पड़ी, अपने ही विभाग पर भी कार्रवाई
किसी भी पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता केवल अपराधियों पर कार्रवाई से नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों की जवाबदेही से भी जुड़ी होती है।
अगस्त 2026 में कटघोरा थाना क्षेत्र में स्क्रैप से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई में कथित देरी के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। मामले की आगे की जांच जारी होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई।
यह घटनाक्रम इस मायने में महत्वपूर्ण है कि कार्रवाई केवल बाहर नहीं, विभाग के भीतर भी जवाबदेही तय करने की दिशा में हुई।
प्रशासनिक कसावट पर भी नजर
कोरबा पुलिस में समय-समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले एवं नई पदस्थापनाएं भी की गईं। जनवरी 2026 में चार थाना प्रभारियों सहित कई पुलिसकर्मियों के तबादले की खबर सामने आई, जबकि सितंबर में भी पुलिस बल में प्रशासनिक दृष्टिकोण से नई पदस्थापनाएं की गईं।
पुलिस व्यवस्था में ऐसे फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बल का बेहतर उपयोग और कार्यप्रणाली में कसावट लाना होता है।
अवैध गतिविधियों पर लगातार अभियान
कोरबा पुलिस ने 2026 में अवैध शराब, हथियारों तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाए। “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की खबरें सामने आती रही हैं।
गणेश उत्सव से पहले भी पुलिस ने असामाजिक तत्वों, पूर्व बदमाशों, फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसमें 105 के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट प्रकाशित हुई।
पुलिसिंग की असली परीक्षा जनता के बीच
किसी भी पुलिस अधिकारी की कार्यशैली का अंतिम मूल्यांकन आंकड़ों से आगे जाकर जनता के अनुभव से होता है। शिकायतकर्ता को समय पर सुनवाई मिले, अपराधी कानून के शिकंजे में आए और पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी के प्रति जवाबदेह रहें—यही मजबूत पुलिस व्यवस्था की बुनियाद है।
कोरबा में एसपी सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में सामने आए अभियानों और प्रशासनिक कार्रवाइयों से पुलिसिंग में सक्रियता, अनुशासन और जवाबदेही को प्राथमिकता दिए जाने की तस्वीर दिखाई देती है। हालांकि किसी भी अधिकारी के कार्यकाल का व्यापक मूल्यांकन लंबे समय के अपराध आंकड़ों, शिकायत निवारण, जांच की गुणवत्ता और न्यायिक परिणामों जैसे कई मानकों से ही किया जा सकता है।
पुलिस की वर्दी सिर्फ अधिकार का प्रतीक नहीं, जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
और जब पुलिस कप्तान अपराध नियंत्रण के साथ अपने ही विभाग की जवाबदेही पर भी नजर रखता है, तो उसका संदेश पूरे पुलिस तंत्र तक पहुंचता है।
सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में कोरबा पुलिस की मौजूदा कार्यशैली का केंद्रीय संदेश यही दिखाई देता है।
“अपराध के खिलाफ सख्ती, व्यवस्था में अनुशासन और कानून के प्रति जवाबदेही।”

















