युवाओं और समुदाय की भागीदारी से टीबी उन्मूलन की दिशा में बढ़ेगा अभियान
कोरबा, 08 अक्टूबर 2026। टीबी-मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में जनजागरूकता और टीबी उन्मूलन को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ‘जोश’ टीम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
कार्यक्रम में नगर पालिक निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, एमआईसी सदस्य एवं पार्षद नरेन्द्र देवांगन, हितानंद अग्रवाल, लक्ष्मण श्रीवास सहित अन्य एमआईसी सदस्य, पार्षद एवं एल्डरमैन, ग्राम पंचायतों के सरपंच, बाल्को के टीबी कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, रोटरी क्लब अध्यक्ष सतनाम सिंह मल्होत्रा एवं उनकी टीम, एनसीसी अधिकारी कैप्टन राजेन्द्र सिंह, एनसीसी कैडेट्स, छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण समिति रायपुर की सहायक संचालक रमा पटेल, माई भारत के सदस्य (जोश टीम), स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं टीबी उन्मूलन से जुड़े एनजीओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
युवाओं की भागीदारी से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने बताया कि ‘जोश’ टीम का उद्देश्य युवाओं और समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना तथा लोगों को समय पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि टीबी-मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में जोश टीम और एनसीसी कैडेट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
उन्होंने बताया कि जिले में टीबी की जांच एवं उपचार के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। नाट टेस्ट, एक्स-रे और पोर्टेबल एक्स-रे की पर्याप्त व्यवस्था के माध्यम से टीबी की समय पर पहचान कर मरीजों का उपचार शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

जनप्रतिनिधियों से संभावित मरीजों की पहचान की अपील
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. बी.आर. रात्रे ने टीबी के लक्षण, उपचार, निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र योजना की विस्तार से जानकारी दी।
एमआईसी सदस्य एवं पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे आम जनता को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के संभावित मरीजों को चिन्हित कर स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने की दिशा में जनप्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि जोश टीम और एनसीसी कैडेट्स लोगों को टीबी की जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरोना महामारी पर काबू पाया गया, उसी तरह सामूहिक प्रयासों से टीबी का भी उन्मूलन किया जाएगा।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि टीबी-मुक्त भारत के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। जोश टीम के साथ एमआईसी सदस्य, एल्डरमैन, पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि मिलकर लोगों को टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करेंगे।

टीबी-मुक्त पंचायतों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने टीबी-मुक्त भारत बनाने की शपथ ली। इस दौरान एक वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को सिल्वर, दो वर्ष तक टीबी-मुक्त पंचायतों को ब्रांज तथा तीन वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को गोल्ड मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा रोटरी क्लब, एनटीपीसी, बाल्को तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक राज को निक्षय मित्र के रूप में योगदान के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
एचआईवी/एड्स को लेकर भी जागरूकता
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण समिति की ओर से एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कानून एचआईवी/एड्स से संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव रोकने, उनके अधिकारों की रक्षा करने तथा एचआईवी की रोकथाम और उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
इस अवसर पर एचआईवी/एड्स के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए भी शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

















