बाल विवाह मुक्त भारत अभियानः महिला एवं बाल विकास परियोजना द्वारा बरपाली में जागरूकता शिविर आयोजित

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कोरबा 23 मार्च। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास परियोजना बरपाली द्वारा समरसता भवन, बरपाली में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बाल विवाह रोकथाम और इससे जुड़े कानूनों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। शिविर में उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने बाल विवाह रोकथाम की शपथ ली और इस सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया।

शिविर का शुभारंभ और अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तेल चित्र पर श्रीफल एवं पुष्प अर्पण कर की गई। इसके पश्चात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा उपस्थित अतिथियों का सपला एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष मनोज झा, जनपद सदस्य नीता यादव, प्रवीण उपाध्याय, संजू वैष्णव, तुलसी रात्रे, बाल संरक्षण अधिकारी (कोरबा) दया दास मानिकपुरी, और परियोजना अधिकारी (बरपाली) कीर्ति जैन उपस्थित रहे।

बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता संदेश
शिविर के दौरान बाल संरक्षण अधिकारी कोरबा दया दास मानिकपुरी ने “आओ बनाए बाल विवाह मुक्त कोरबा” अभियान के तहत बाल विवाह की रोकथाम और इससे होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके संपूर्ण विकास में बाधा डालता है।

जनपद सदस्य नीता यादव ने बाल विवाह कानून के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह अवैध एवं दंडनीय अपराध है। उन्होंने बाल विवाह की शिकायत करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी भी दी।

मनोज झा का विशेष घोषणाः कन्या दान में मदद की पेशकश
कार्यक्रम में जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष मनोज झा ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई लड़की 18 वर्ष की उम्र पार कर चुकी है, लेकिन किसी कारणवश विवाह करने में सक्षम नहीं है और वह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के दायरे में नहीं आती, तो उनके विवाह के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त एवं विकसित बनाने में योगदान दें ताकि समाज में शिक्षा और जागरूकता का विस्तार हो।

कार्यक्रम का संचालन एवं समापन
शिविर का संचालन स्वधा जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में शैलेंद्र जी ने आभार व्यक्त करते हुए सभी को बाल विवाह मुक्त समाज बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इसके साथ ही बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई और कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम का महत्व
यह जागरूकता शिविर बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस पहल से न केवल समाज को जागरूक करने का प्रयास किया गया, बल्कि उपस्थित लोगों ने इस कुरीति को जड़ से खत्म करने का संकल्प भी लिया।

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