NIT चौपाटी शिफ्ट को लेकर बवाल तेज, जेसीबी पहुंचते ही बवाल, विरोध में JCB के सामने लेट गए पूर्व विधायक, पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइंस कॉलेज चौपाटी (NIT चौपाटी) को आमानाका स्थानांतरित करने के फैसले को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन के निर्णय के खिलाफ व्यापारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध तेज हो गया है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर कई कांग्रेसियों को हिरासत में लेना पड़ा।

NIT चौपाटी को शिफ्ट करने पर विवाद गहराया

शहर के लोकप्रिय फूड पॉइंट के रूप में पहचान रखने वाली साइंस कॉलेज चौपाटी को रायपुर नगर निगम द्वारा आमानाका में नए स्थान पर शिफ्ट करने की योजना शुरू की गई है। नगर निगम का तर्क है कि यातायात बाधित होने, सफाई व्यवस्था प्रभावित होने और अनियंत्रित भीड़ के कारण चौपाटी को स्थानांतरित करना आवश्यक है। लेकिन व्यापारी इसे अनुचित कदम बताते हुए विरोध पर अड़े हुए हैं।

व्यापारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रातभर दिया धरना

21 नवंबर को जब नगर निगम की टीम चौपाटी पहुंची और दुकानदारों को शिफ्ट होने की जानकारी दी, तब व्यापारियों ने बिना पूर्व नोटिस कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। टीम द्वारा सुबह 5 बजे तक चौपाटी खाली करने के निर्देश दिए जाने के बाद व्यापारी चौपाटी में ही डटे रहे।
कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में रातभर वहीं धरने पर बैठे रहे।

सुबह-सुबह जेसीबी पहुंची, माहौल हुआ तनावपूर्ण

शनिवार तड़के नगर निगम जेसीबी और अमले के साथ चौपाटी हटाने के लिए मौके पर पहुंचा। जैसे ही मशीनें चौपाटी की ओर बढ़ीं, व्यापारी और कांग्रेसी विरोध में आगे आ गए। स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और परिसर में हंगामा मच गया।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कई कांग्रेस नेताओं ने जेसीबी के सामने लेटकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। निगम कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पूर्व विधायक सहित कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

झूमाझटकी बढ़ने पर पुलिस ने पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

इस बीच, व्यापारी चौपाटी न हटाने की मांग पर अड़े हैं और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नगर निगम बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानदारों से जीविकोपार्जन छीनने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, निगम का दावा है कि चौपाटी को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए स्थानांतरण आवश्यक है।

विवाद अभी थमने के आसार नहीं

व्यापारियों का कहना है कि बिना उचित नोटिस और संवाद के इस तरह की कार्रवाई अनुचित है। उधर प्रशासन अपनी योजना आगे बढ़ाने के मूड में नजर आ रहा है।
स्थिति को देखते हुए विवाद और लंबा खिंच सकता है, और आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।

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