कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के रेल यात्रियों और जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस को कोरबा तक विस्तारित करने की मांग बुलंद कर दी है। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR), बिलासपुर के महाप्रबंधक (GM) के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
सीधी ट्रेन न होने से बढ़ रही हैं मुश्किलें
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में यह ट्रेन केवल इंदौर से बिलासपुर के बीच संचालित होती है। इससे कोरबा, चांपा, नैला, अकलतरा, कोतमीसुनार और जयरामनगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। सीधी रेल सेवा के अभाव में यात्रियों को बिलासपुर में उतरकर दूसरी ट्रेन लेनी पड़ती है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है।
रोजगार और आस्था का संगम
मांग के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं:
- औद्योगिक जुड़ाव: कोरबा और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग एशिया के बड़े औद्योगिक हब इंदौर (पीथमपुर) में कार्यरत हैं। सीधी ट्रेन होने से इन श्रमिकों और कर्मचारियों का आवागमन सुगम हो जाएगा।
- धार्मिक पर्यटन: क्षेत्र की जनता बड़ी संख्या में उज्जैन (महाकाल), ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे तीर्थ स्थलों की यात्रा करती है। सीधी ट्रेन इन श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी।
विकास को मिलेगी नई गति
प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि कोरबा छत्तीसगढ़ का प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक केंद्र है। यहाँ NTPC और बालको जैसे बड़े संयंत्र स्थित हैं, जहाँ प्रतिदिन व्यापारियों, छात्रों और कामगारों का आना-जाना लगा रहता है।
“नर्मदा एक्सप्रेस का विस्तार होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। हमें उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन जनहित में इस पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।” – स्थानीय जनप्रतिनिधि
क्षेत्रवासियों को अब रेलवे प्रशासन के जवाब का इंतजार है। यदि यह मांग पूरी होती है, तो यह कोरबा के रेल मानचित्र में एक बड़ा सुधार होगा।















