- छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल कोरबा द्वारा नगर पालिक निगम कोरबा के सहयोग से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर किया गया कार्यशाला का सफल आयोजन
- प्रतिष्ठानों, संस्थाओं, निकायों, पंचायतों, स्वास्थ्य संस्थानों, वाणिज्यक प्रतिष्ठानों, होटल संचालकों, सहित सभी वल्क वेस्ट जनरेटरों को उनके यहॉं उत्सर्जित कचरे का नियमानुसार प्रबंधन किया जाना आवश्यक
- माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश एवं भारत सरकार द्वारा लागू किये गये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों से कराया गया अवगत
कोरबा । आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने आज कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबध्ंान नियम 2026 का शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पालन किया जाना अनिवार्य है, इस नियम के तहत वल्क वेस्ट जनरेटरों, प्रतिष्ठानों, संस्थानों, निकायों, ग्राम पंचायतों सहित सभी की स्वयं की जिम्मेदारी है कि वह अपने यहॉ उत्सर्जित कचरे के उपचार, प्रसंस्करण व प्रबंधन का कार्य सुनिश्चित करायें। उन्होने कहा कि वर्ष 2016 के नियमों को अपडेट करते हुये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू किया गया है, जिसका पालन सभी के लिये अनिवार्य है। आयुक्त श्री पाण्डेय ने आगे कहा कि कोरबा में इंटीग्रेटेड सिस्टम पर सफाई कार्य कराने की कार्ययोजना पर कार्य किया जायेगा, अभी इस सिस्टम के बिना ही हम देश में स्वच्छता पर आठवें स्थान पर हैं किन्तु यदि हम इंटीग्रेटेड सिस्टम के आधार पर सफाई कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से शीर्ष पर होंगे किन्तु इसमें सभी की पूर्ण सहभागिता अति आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल कोरबा द्वारा आज नगर पालिक निगम कोरबा के सहयोग से निगम के पं. जवाहरलाल नेहरू सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सार्वजनिक व औद्योगिक प्रतिष्ठान, विभिन्न संस्थानों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों सहित शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के वेस्ट वल्क जनरेटर उपस्थित थे, कार्यशाला के दौरान माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर भारत सरकार द्वारा लागू किये गये ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के प्रावधानों से अवगत कराते हुये वल्क वेस्ट जनरेटरों को उनके यहांॅ उत्सर्जित अपशिष्ट के प्रबंधन एवं इस हेतु निहित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी उन्हें प्रदान की गई। बैठक को संबोधित करते हुये आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने वल्क वेस्ट जनरेटरों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में वल्क वेस्ट जनरेटरों को नये सिरे से चिन्हांकित किया गया है तथा उनके यहॉं उत्सर्जित अपशिष्ट के निपटान व प्रबंधन के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर सभी आवश्यक प्रावधान किये गये हैं, अतः सभी वल्क वेस्ट जनरेटर इन प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होने आगे कहा कि हमें अपने शहर की, अपने गली मोहल्ले व अपने घर की स्वच्छता के प्रति एलर्ट रहना है, स्वच्छता हम सबकी सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय होना चाहिये, हम अपने प्रतिष्ठान, संस्थान, दुकान को स्वच्छ रखें, उत्सर्जित कचरे का नियमानुसार प्रबंधन करें तथा औरो को भी इसके लिये प्रेरित करें।
पंचायतों में व्यवस्था लागू करने किया जा रहा कार्य – इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने कार्यशाला को संबोधित करते हुये कहा कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में निहित प्रावधानों से जुड़ी व्यवस्थाओं केा लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वल्क वेस्ट जनरेटरों की संख्या अपेक्षाकृत कम है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित वल्क वेस्ट जनरेटरों का रजिस्टेªशन कराया जा रहा है। उन्होने कहा कि सभी जनरेटर अपना-अपना रजिस्टेªशन तत्काल करायें ताकि किसी भी प्रकार की कार्यवाही से बच सकें। सी.ई.ओ. श्री नाग ने आगे कहा कि केवल निकाय या ग्राम पंचायत की ही नही बल्कि सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम नियमों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।
समुदाय, सोसायटी एवं संस्थान निगम के साथ भागीदारी में इन नियमों के तहत अपशिष्ट स्त्रोत पर कचरे का पृथककरण सुनिश्चित करेंगे, पृथक-पृथक अपशिष्ट संग्रहण की सुविधा प्रदान करेगे, पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अधिकृत अपशिष्ट उठाने वालों या अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं को सौपेगें, इसी प्रकार जैव अपशिष्ट को यथासंभव परिसर के भीतर खाद या जैवमीथेनेशन के माध्यम से निपटान करेंगे।
आयोजन की सूचना 03 दिन पूर्व देनी आवश्यक – ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि कोई भी व्यक्ति अग्रिम रूप से कम से कम 03 कार्य दिवस पहले स्थानीय निकाय को सूचित किये बिना किसी भी गैरअनुज्ञप्ति वाले स्थान पर 100 व्यक्तियों से अधिक का कोई आयोजन व समारोह आयोजित नहीं करेगा अर्थात आयोजन से 03 दिन पूर्व निगम का सूचना देगा तथा ऐसा व्यक्ति या आयोजक यह सुनिश्चित करेगा कि अपशिष्ट का स्त्रोत पर पृथक्करण हों एवं पृथक किये गये अपशिष्ट को स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित यूजर चार्जेज की राशि जमा कराने के पश्चात एजेंसी को या अभिकरण को सौप दिया जाए तथा इस उत्पन्न अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण किया जाए। इसके अतिरिक्त अपशिष्ट प्रबंधन व निस्तारण के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत प्रदान किये गये हैं।















