कोरबा के छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया है। छात्र सुबह करीब 6 बजे से सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं, छात्रों का आरोप है कि वार्डन और प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर पहले भी आंदोलन किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। प्राचार्य को लंबी छुट्टी पर भेजे जाने के बावजूद छात्र संतुष्ट नहीं हैं। यह तीसरी बार है जब छात्र सड़क पर उतरे हैं। छात्रों का आरोप है कि आंदोलन के बाद उन्हें धमकाया गया और दबाव बनाया गया। इस बार वे कीड़ा युक्त भोजन और पेयजल की समस्या को लेकर नाराज हैं।

एक महीने में तीसरी बार सड़क पर उतरे छात्र
विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक अनदेखी से परेशान छात्रों का एक ही महीने में पढ़ाई छोड़कर सड़क पर उतरने का यह तीसरा मौका था। इससे पहले भी बच्चों ने क्षेत्रीय विधायक का घेराव किया था और विरोध जताया था। सोमवार को फिर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं छुरी पंचायत के सामने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों की मुख्य मांग प्राचार्य डॉ. अरशद अहमद अली और हॉस्टल अधीक्षक को तत्काल हटाने तथा पेयजल, भोजन व शैक्षणिक व्यवस्था दुरुस्त करने की है।
इस मौके पर अपर कलेक्टर, एडिशनल एसपी, एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस बल मौजूद है और छात्रों से बातचीत जारी है। छात्र कलेक्टर के मौके पर पहुंचने के बाद ही चक्का जाम समाप्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

प्रशासन और नेताओं के बीच नोकझोंक, अधिकारियों ने कहा- “बच्चों को मत भड़काओ”
प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब जनप्रतिनिधि व समर्थक बच्चों से बात करने पहुंचे। आरोप है कि मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों और समर्थकों को डराने-चमकाने का प्रयास किया और उनसे कहा कि “ये बच्चे नाबालिग हैं, आप लोग इन्हें भड़काने की कोशिश मत कीजिए।”
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकास सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे, जहाँ उनकी प्रशासन से तीखी नोकझोंक हुई। विकास सिंह ने प्रशासन के इस रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा:
“विश्व आदिवासी दिवस के दिन इन बच्चों को झंडा फहराने क्यों नहीं दिया गया? प्रशासन अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए लाठी और दबाव का इस्तेमाल कर रही है। जब हम बच्चों के दर्द को समझकर समर्थन में खड़े होते हैं, तो हमें यह कहकर दबाया जाता है कि बच्चे नाबालिग हैं और हम उन्हें भड़का रहे हैं। बच्चे देश का भविष्य हैं और अगर प्रशासन व सरकार ने उनकी समस्याएं हल नहीं की, तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा।”
लिखित आश्वासन के बाद स्कूल लौटे छात्र, प्रशासन की बाइट
मामले को बढ़ता देख कटघोरा एसडीएम तुलाराम भारद्वाज, डिप्टी कलेक्टर, सहायक आयुक्त व पुलिस अमले ने छात्रों से बात की और उनकी मांगों पर पारदर्शी जांच का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र अनुशासित होकर वापस स्कूल लौटे।
कटघोरा एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने बताया:
“एकलव्य विद्यालय के बच्चे सड़क पर बैठे थे, जिन्हें समझाकर स्कूल भेज दिया गया है। उनकी शिकायतों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पेयजल हेतु पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है और प्रिंसिपल से संबंधित शिकायतों की जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है। पेरेंट्स से भी बात कर वास्तविकता जानी जाएगी।”
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्राचार्य पिछले आंदोलन के बाद से ही अस्वस्थता के चलते अवकाश पर हैं। फिलहाल प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद स्थिति शांत है।















