KORBA: DEF निर्माता अनूप गिरफ्तार,पैकेजिंग की जाँच

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कोरबा-दीपका। दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम तिवरता स्थित श्रद्धा पेट्रोल पंप में नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों के भंडारण और बिक्री के मामले में एक अन्य आरोपी अनूप गोयल(अग्रवाल) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पेट्रोल पम्प संचालक चैतन्य मनहर पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि 7 अगस्त को दीपका पुलिस ने पेट्रोल पंप के पीछे स्थित स्टोर रूम में दबिश देकर टाटा मोटर्स डीजल एग्जॉस्ट फ्लुइड (DEF) के A192 नग और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट के 20 नग, कुल 212 नग सीलबंद उत्पाद बरामद कर जप्त किए। टाटा EIPR (India) Pvt. Ltd. के जांच अधिकारी सानी घोष की रिपोर्ट पर पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर व अनूप गोयल के खिलाफ धारा 318(4), 347, 349 बीएनएस तथा कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

 सीतामणी पहुंची पुलिस,निर्माण स्थल देखा
दीपका पुलिस ने बताया कि इस मामले में दूसरे आरोपी अनूप गोयल की तलाश की जा रही थी। वह FIR के बाद फरार हो गया था।
उसे गिरफ्तार कर उसके कोरबा कोतवाली थाना अंतर्गत मोतीसागर पारा में स्थित फैक्ट्री में पड़ताल की गई। यहां निरीक्षण के दौरान DEF बनाने की प्रक्रिया को देखा गया। आवश्यक पड़ताल की कड़ी में पुलिस अब इसकी जांच कर रही है कि क्या निर्मित DEF को ‘पैकेजिंग’ करके बेचने के लिए वह अधिकृत है या नहीं। उसने निर्मित DEF को लूज में बेचा था या फिर पैकेजिंग करके ? यदि पैकेजिंग किया गया तो इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई और यह विधिवत था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट होगी।
 उठ रहा यह सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उभरा है कि निर्माण फैक्ट्री में कहीं पर भी DEF की पैकेजिंग की यूनिट आदि नजर नहीं आई। अगर DEF यहां बनाया गया तो पैकेजिंग कहां की गई? क्या माल कहीं और का, डिब्बा और सिम्बाल किसी और का..वाला खेल तो नहीं खेला जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, DEF का इस्तेमाल आधुनिक डीजल वाहनों के SCR सिस्टम में प्रदूषण कम करने के लिए किया जाता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। मानक से अलग या घटिया उत्पाद के इस्तेमाल से वाहन के सिस्टम पर असर पड़ने की संभावना हो सकती है।
फिलहाल पुलिस व तकनीकी जांच के बाद ही यह साफ होगा कि ब्रांडेड स्टीकर के पीछे लोकल उत्पाद का खेल था या मामला कुछ और है…? इधर दूसरी तरफ श्रद्धा फ्यूल्स के संचालक आरोपी बनाए गए चैतन्य मनहर के पिता कुशल मनहर जो कि डीलर हैं, उनके द्वारा इस पूरे मामले से खुद को अलग बताया जा रहा है। उन्होंने अपनी सफाई दी है कि डीएएफ और ऑयल के मामले में उनके बेटे को गुमराह किया गया है व सारा किया धरा अनूप गोयल का है।

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