सावन के तीसरे सोमवार कनकेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, कोरबा कांवरिया संघ का महाभंडारा बना सेवा का केंद्र

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हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा कनकेश्वर धाम, हजारों शिवभक्तों ने ग्रहण किया महाप्रसाद

कोरबा। सावन मास के तीसरे सोमवार को कनकेश्वर धाम में भक्ति, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही कनकेश्वरनाथ महादेव के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। मंदिर परिसर में गूंजते “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

इस पावन अवसर पर कोरबा कांवरिया संघ द्वारा आयोजित विशाल महाप्रसाद एवं भंडारे में हजारों शिवभक्तों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संघ के सदस्यों ने पूरी श्रद्धा और सेवाभाव के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए महाप्रसाद का वितरण किया। दूर-दराज से पहुंचे कांवरियों और भक्तों के लिए यह आयोजन विशेष रूप से सहारा और आत्मीयता का केंद्र बना।

सेवा और समर्पण की मिसाल बना कांवरिया संघ

सावन के प्रत्येक सोमवार को महाप्रसाद का आयोजन कर कोरबा कांवरिया संघ ने धार्मिक आस्था के साथ मानव सेवा की जो परंपरा कायम की है, वह निश्चित रूप से सराहनीय और अनुकरणीय है। संघ के सदस्य स्वयं व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसते हैं और सेवा को ही महादेव की सच्ची आराधना मानकर कार्य करते हैं।

तीसरे सोमवार को भी संघ की ओर से श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्था की गई। महाप्रसाद ग्रहण करने पहुंचे भक्तों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने कोरबा कांवरिया संघ की इस सेवाभावी पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि सावन के पावन महीने में ऐसी सेवा शिवभक्तों के लिए बड़ी सौगात है।

श्रद्धा के साथ किया महादेव का पूजन

महाप्रसाद से पूर्व श्रद्धालुओं ने कनकेश्वरनाथ महादेव के दर्शन एवं पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद भक्तों ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर नागरमल अग्रवाल, ठाकुर दास मनवानी, महेश अग्रवाल, दिनेश पटेल, राकेश नागरमल अग्रवाल, अर्जुन गुप्ता, नरेश अग्रवाल बी.आर. सेल्स एवं मनीष मनवानी सहित कोरबा कांवरिया संघ के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर श्रद्धालुओं की सेवा में सहभागिता निभाई।

भंडारा नहीं, भक्ति और सेवा का महापर्व

कनकेश्वर धाम में आयोजित यह महाप्रसाद केवल भोजन वितरण का आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का महापर्व बन गया है। कोरबा कांवरिया संघ द्वारा सावन के प्रत्येक सोमवार इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाना धार्मिक आस्था के साथ समाजसेवा की प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत करता है।

तीसरे सोमवार को कनकेश्वर धाम का पूरा परिसर शिवभक्ति में डूबा नजर आया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, महादेव के जयकारों और कोरबा कांवरिया संघ की सेवाभावना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भक्तों की जुबां पर एक ही स्वर गूंजता रहा— “हर-हर महादेव… बम-बम भोले!”

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