हरदीबाजार के सत्तीखार जंगल में पुलिस की फिल्मी स्टाइल में दबिश, जुए के फड़ से तीन आरोपी गिरफ्तार। कथित सरगना “हरि” फरार, 3 बाइक, 2 मोबाइल और ₹5,400 नगद जब्त।
कोरबा/हरदीबाजार। कहते हैं किसी भी फिल्म में हीरो की एंट्री जितनी दमदार हो, कहानी को आगे बढ़ाने के लिए विलेन का मैदान में रहना भी उतना ही जरूरी होता है। लेकिन हरदीबाजार के शक्तिखर्रा जंगल में जुए के फड़ पर हुई पुलिस कार्रवाई की कहानी कुछ ऐसी रही कि थानेदार की एंट्री तो फिल्मी रही, लेकिन जिस “हरि” को जुए के फड़ का सरगना बताया जा रहा है, वह मौके से फरार हो गया। नतीजा, फिल्म शुरू होते ही क्लाइमेक्स और विलेन गायब!
बताया जा रहा है कि ग्राम उत्तरदा के जंगल में सुनसान जगह पर तिरपाल लगाकर जुए का फड़ सजाया गया था। मुखबिर से मिली सूचना के बाद हरदीबाजार पुलिस ने मौके पर दबिश दी। पुलिस की एंट्री होते ही फड़ पर बैठे जुआरियों में भगदड़ मच गई।
कार्रवाई के दौरान राजेश लहरे, पवन कुमार और नंद कुमार पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जबकि कुछ अन्य लोग मौके से भाग निकले। इसी दौरान जुए के फड़ के कथित सरगना “हरि” के फरार होने की चर्चा है। ऐसे में सवाल यही कि अगर फड़ का कथित किंगपिन ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर निकल गया तो कार्रवाई की कहानी का सबसे अहम किरदार आखिर कहां चला गया?
तीन बाइक, दो मोबाइल और 5400 रुपये जब्त
पुलिस ने मौके से तीन मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, 5,400 रुपये नगद और ताश की पत्तियां बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
अब असली सवाल यही है कि जुए के इस फड़ की पूरी कहानी में “हरि” की भूमिका क्या थी और पुलिस के पहुंचते ही वह कैसे निकल गया? तीन किरदार पुलिस की गिरफ्त में हैं, सामान भी बरामद हो गया, लेकिन कहानी का कथित मुख्य किरदार गायब है।
यानी पुलिस की फिल्मी एंट्री तो हो गई साहब… मगर विलेन के फरार होते ही “सिनेमा” की स्क्रिप्ट इंटरवल से पहले ही खत्म हो गई!

















